वर्तमान गतिविधियां

22-01-2018

श्री अर्जुन जी मेघवाल,

मंत्री, जल संसाधन विभाग,

भारत सरकार, नई दिल्ली

महोदय,

       आप जानते ही हैं कि जल अभाव आपके क्षेत्र सहित उतरी, पश्चमी तथा उतरीपूर्वी राजस्थान की सबसे बड़ी समस्या है। सीकर झुंझुनू मे तो अगले दस वर्ष मे भूजल समाप्त हो जाने पर डेड लाख कुओं पर निवेश, रोज़गार, उत्पादन तथा पशुधन समाप्त हो जाना है और खेतों मे बसे लोगों को पेय जल के भी लाले पड़ जावेगे। इसी स्थिति  मे इस अभावग्रस्त क्षेत्र के सांसदों का प्रथम  दायित्व बनता है कि वे साँझा प्रयत्न कर इस समस्या का स्थायी निराकरण करे।

       देश मे दीर्घ अवधि के पश्चात नदियो को जोड़ने की योजना को लागू करने का निर्णय लिया गया है। सोभाग्य से गत दिनों जल संसाधन मंत्रालय की ज़िम्मेवारी श्री गड़करी जी, श्री मेघवाल जी एवं सत्यपाल जी को मिली है जो बड़े ही डायनेमिक तथा परिणाम देने वाले मंत्री है।

       नदियो को जोड़ने की योजना के अन्तर्गत शारदा-यमुना-राजस्थान – गुजरात परियोजना है जिसके वर्तमान योजना स्वरूप के अनुसार पन्द्रह लाख हेक्टर मे सिंचाई का प्रावधान है तथा राजस्थान के बीकानेर, जैसलमेर, बाडमेर और जालोर जिलो मे सिंचाई का प्रावधान है। इसी परिपेक्ष्य मे हमारा सुझाव है कि इस योजना मे एक आधी ओर नदी का जल जुडवाकर इस  योजना को वृहद बनवाये तथा इसको प्राथमिकता से लागू भी करवाये। क्योंकि इस परियोजना की डीपीआर तैयार हो रही है अत: यह उचित अवसर है।

       यदि इस समय इस योजना को नहीं संभाला गया तो भविष्य मे यह क्षेत्र जल अभावग्रस्त ही बना रहेगा।

                           शुभकामनाऔ सहित ।

भवदीय

(राजाराम मील)

अध्यक्ष
राजस्थान जाट महासभा

 

date 20-1-2018

श्री नितिन गड़करी

मंत्री जल संसाधन

भारत सरकार नई दिल्ली

महोदय,

            यह बड़े ही संतोष की बात है कि आप रोड सेक्टर  के बाद अब जल संसाधन सेक्टर मे भी बेहतरीन  कार्य कर रहे है। इससे पूर्व जल संसाधन मंत्रालय मे ऊमा भारती ने तीन वर्ष ख़राब किये। इस मंत्रालय मे आपके आने से एक आशा बनी है।

            आपने नदियो को जोड़ने की गत बैठक मे राज्य सरकारो से योजनाओं की सहमति पर वार्ता करने का निर्णय लिया। राज्यों से वार्ता कर लेनी चाहिये लेकिन आप जानते ही हैं कि अधिकांश राज्य जल मे दूसरे राज्यों को हिस्सा नहीं देना चाहते बल्कि या तो विरोध करेंगे या विषय को टालते रहेंगे। पंजाब सरकार का जवलन्त  उदाहरण है जो दूसरे राज्यों के हिस्से के जल को तो रोकते ही हैं बल्कि अतिरिक्त उपलब्ध  जल पाकिस्तान की ओर प्रवाहित कर देता है लेकिन राजस्थान को नही देता।

            इस पेरिपेक्ष्य मे हमारा सुझाव है कि यद्पि जल एवं सिंचाई राज्यों का विषय है  लेकिन संविधान की सातवीं अनुसूची के अन्तर्गत प्रथम  सूची -संघीय  सूची की प्रवृष्टि संख्या 56 मे प्रावधान है कि संसद कानून बनाकर अन्तरराज्यिय नदियो के जल की सिंचाई योजनाएँ लागू कर सकता है। अत: हमारा सुझाव है रीवर इन्टरलिंकिक योजना संसद से अनुमोदित करा कर लागू की जावे जिससे विलम्ब नहीं हो तथा भविष्य के विवादों की गुंजायश भी नही रहे। राज्य सरकारों से फिर बात करते रहें ।

साभार

भवदीय

 

(राजाराम मील)
अध्यक्ष
राजस्थान जाट महासभा

 

date 10-1-2018

प्रधानमंत्री जी,

भारत सरकार,

नई दिल्ली

महोदय,

                हमारे लिए यह प्रसन्नता की बात है कि  आप अगले दिनों राजस्थान के बाड़मेर और झुंझुनू मे पधार रहे है। राजस्थान मे आपका  स्वागत है। इस अवसर पर हम एक दो तथ्य आपके ध्यान मे लाना चाहेंगे।

                प्रथम, आपने लोक सभा चुनाव पूर्व जोधपुर की सभा मे कहा था कि “हम सत्ता मे आयेंगे तो प्रत्येक खेत को सिंचाई का पानी देंगे।” लेकिन पिछले साढ़े तीन वर्ष मे भारत सरकार ने राजस्थान की एक बीघा भूमि मे भी सिंचाई का विस्तार नहीं किया है। शारदा-यमुना-राजस्थान-गुजरात लिंक की कोई सुध नहीं ली जा रही। कडाणा बॉध का जल १९६६ के समझोते के तहत राजस्थान को मिलना था जिसमें गुजरात सरकार  की वादा ख़िलाफ़ है। राजस्थान मद्य प्रदेश के बीच पार्वती  और काली सिंध के जल उपयोग पर समझोता नही हो रहा तथा यमुना का जल झुंझुनू लाने की योजना पर भी कोई कार्यवाही नहीं हो रही। कश्मीर की नदियो का भारत के हिस्से का जल देश के एक नम्बर दुश्मन पाकिस्तान  को ख़ैरात मे दिया जा रहा है जबकि उक्त जल का आधा हिस्सा राजस्थान  के रेगिस्तान मे आना चाहिये।

                 दूसरे, राजस्थान ने गत लोकसभा चुनाव मे बीजेपी को २५ मे से २५ सीटें दी तथा विधान सभा मे २०० मे से १६३ सीटें दी लेकिन अफ़सोस की बात है कि भारत सरकार मे राजस्थान से एक भी केबीनेट मिनिस्टर नहीं बनाया। आपकी केबीनेट मे अनेक अयोग्य मंत्री है जो आपको नीचा दिखा रहे हैं लेकिन राजस्थान के कई योग्य  सांसदों को आपने केबीनेट मंत्री बनाने के योग्य नही समझा। यह राजस्थान की जनता का अपमान है और इसका ख़ामियाज़ा आपके दल को अगले चुनावों मे भुगतना होगा।

                 तीसरे, देश के  किसानो, कृषि और पशुपालन की दुर्दशा बढ़ती जा रही है और आपकी सरकार ने इस सम्बन्ध मे  कुछ करने की बात तो छोड़िए, बल्कि इस पर चिन्ता भी प्रकट नहीं की है।

                हमने, गम्भीर मुद्दे आपके ध्यान मे ला दिये हैं तथा आशा करते हैं कि आप इन पर गम्भीरता से विचार करेंगे।

                                                शुभकामनाओं सहित
भवदीय

(राजाराम मील)

अध्यक्ष
राजस्थान जाट महासभा

 

date 10-1-2018

प्रधानमंत्री जी , 
भारत सरकार,
नई दिल्ली

                विषय :- प्रधान मंत्री जी के झुंझुनू दौरे के सम्बन्ध मे

महोदय,

                आप इस माह झुंझुनू पधार रहे है, यह झुंझुनू की जनता के लिए गौरव की बात है। सीकर झुंझुनू जिले का एक गौरवशाली इतिहास एवं वर्तमान है। स्वतंत्रता के संघर्ष मे सीकर झुंझुनू के लोगों ने सरदार वल्लभ भाई पटेल के आन्दोलन के समानान्तर एवं समकक्ष स्वतंन्त्रता का आनंदोलन चलाया था जो मूल रूप से जागीरदारों के विरूद्ध था तथा इसमें काफ़ी किसान शहीद हुए थे।

         देश की रक्षा के लिए यहाँ के लोगों मे विशेष जज़्बा है। यही वजह है कि इस जिले से देश की सेना एवं अर्द्ध सेनिक बलों मे सबसे अधिक युवा हैं। झुंझुनू जिले से साठ हज़ार सेवा निवृत तथा चालीस हज़ार सेवारत्त सेनिक है  और इतने ही अर्द्ध बलों से हैं। देश मे सबसे अधिक शहीद तथा वीरता के लिए सम्मानित सेनिक झुंझुनू जिले से है। देश की रक्षा के लिए जज़्बा ऐसा है कि इस जिले का कोई सेनिक शहीद होता है तो उसके माता पिता सबसे पहले यही कहते हैं कि उन्हें कोई ग़म नही है क्योंकि उनका लाल देश के लिए शहीद हुआ है। महिला एवं ग्रामीण शिक्षा मे यह ज़िला देश मे अव्वल है। राजनीति मे यह ज़िला प्रदेश का पथ प्रदर्शक भी है।

                महोदय, उपरोक्त परिपेक्ष्य मे सरकार का भी दायित्व एवं कर्तव्य बनता  है कि झुंझुनू जिले की जनता का मनोबल बढ़ाये एवं देश सेवा के उनके जज़्बे को सलाम करे।

                महोदय, जिले की कुछ आवश्यकताएँ और समस्याएँ भी हैं जिनके निराकरण का भारत सरकार का दायित्व बनता है।

                सर्व प्रथम, सीकर झुंझुनू जिले मे डेढ़ लाख सिंचाई के कुएँ हैं जिन पर छ हज़ार करोड़ का निवेश है। इन कुओं पर दस लाख लोगों को रोज़गार मिला हुआ है, एक मिलियन टन अनाज और दूध उत्पन्न होता है तथा पशुपालन भी हो रहा है। इन कुओं का भूजल सूख रहा है तथा अगले दस वर्षों  मे समस्त भूजल सूख जाने पर उपरोक्त सब कुछ समाप्त हो जाना है। इसको बचाने का एक ही उपाय है कि नदियो को जोड़ने की योजना के तहत शारदा – यमुना- राजस्थान -गुजरात लिंक को वृहद रूप देकर इस परियोजना से इस क्षेत्र को सिंचित किया जावे।

                दूसरे, इस क्षेत्र के युवाओं की खेल मे उपलब्धिया ,योग्यता और रूचि के परिपेक्ष्य  मे इस जिले मे राज्य सरकार द्वारा स्थापित खेल एवम शारीरिक शिक्षा युनिवरसिटी जो गत सात वर्ष से संचालन  की मोहताज है को भारत सरकार के अधीन लेकर Center of Excellence in Sports And Physical Education बनाया जावे।

                तृतीय, यहाँ एक ऐसा मिलिटरी कालेज स्थापित किया जावे कि जिससे यहाँ के युवाओं को रक्षा सेवाओं मे अधिकारी बनने का अवसर मिले।

                चतुर्थ, यहाँ की जनता को गम्भीर रोगों के उपचार के लिए जयपुर जाना पड़ता है अत: यहाँ भारत सरकार की ओर से एक मेडिकल कालेज स्थापित किया जावे ।

भवदीय

(राजाराम मील)
अध्यक्ष
राजस्थान जाट महासभा

 

 

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24-11-2017

 श्री अर्जुन राम जी मेघवाल,

राज्य मंत्री, जल संसाधन विभाग,

भारत सरकार, नई दिल्ली

 

महोदय,
आपके विभाग के केबीनेट मंत्री श्री नितिन गड़करी जी नये राष्ट्रीय राजमार्ग स्वीकृत करने एवम राजमार्गो के विकास के लिए धनराशि स्वीकृत करने मे बड़े उदार है। उन्होंने इस मामले मे किसी को निराश नही किया है। एक ही विभाग के होने के कारण आपका उनसे सानिध्य स्वाभाविक है एवम प्रकटत: ही है। ऐसी स्थिति मे आप भी अपने क्षेत्र को विभिन्न दिशाओं मे जोड़ने के लिए कुछ राष्ट्रीय राजमार्ग स्वीकृत करवाये। बीकानेर-अनुपगढ-गंगानगर, नोखा-सुजानगढ-सीकर,  डूंगरगढ़-सरदारशहर-राजगढ़, झझर (हरियाणा)  बीकानेर को महत्त्वपूर्ण  शहरों से जोड़ने वाले मार्ग है ।

 राजा राम मील

अध्यक्ष, राजस्थान जाट महासभा

 

दिनांक 14-11-2017

प्रधान मंत्री जी,                 

भारत सरकार

 नई दिल्ली

            विषय :- राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष सदस्यों की आयु 65 वर्ष करने के सम्बन्ध मे ।

महोदय,

            राज्य लोक सेवा आयोगों के सदस्यों और  आध्यक्ष का सेवा कार्यकाल संविधान मे छ वर्ष या 62 वर्ष, जो भी पहले हो है। आयोग के आधे सदस्य सेवा निवर्त लोक सेवक होने की भी शर्त है। कोई भी व्युरोक्रेट सेवा निवर्ती से पूर्व आयोग का सदस्य या अध्यक्ष नही बनना चाहता और सेवा निवर्ती के पश्चात सभी आयोग मे जाना चाहते है। लोक सेवक सेवा निवर्ती के चार छ माह बाद नियुक्ति पाते है तो वे केवल एक डेढ वर्ष ही आयोग मे रह पाते है। इस एक  डेढ वर्ष के कार्य काल मे उन्हें आयोग की कार्य प्रणाली  का  अनुभव नही होने के कारण साक्षात्कार के अलावा आयोग के अन्य कार्य  सम्पादन के लिये वे आयोग के अधीनस्थ कार्मिको  पर ही निर्भर रहते है। इस प्रकार आयोग अधीनस्थ कार्मिको के भरोसे ही चलता है  तथा कार्मिक इस स्थिति का फ़ायदा उठाते हुए पेपर सेटिंग व छपाई, उत्तर पुस्तिका जांच, परिणाम तैयार करना इत्यादि कार्यों मे जमकर धाँधली और भ्रटाचार करते है। अभ्यार्थियों की कापियाँ बदलते हैं, प्राप्तांक चढ़ाने मे हेराफेरी करते हैं।     अत: हमारा सुझाव है कि आयोग के सदस्यों और अध्यक्ष की सेवा निवर्ती/ कार्यकाल  “छ वर्ष या 65 वर्ष की उम्र जो भी पूर्व हो “ की जानी चाहिये जिससे की  एक वर्ष  के अनुभव के पश्चात वे आयोग के कार्य पर पूरा नियंत्रण रखकर कार्य कर सकें।

                                    सादर

राजा राम मील

अध्यक्ष, राजस्थान जाट महासभा

 

 

10-11-2017

 श्री पीयुष गोयल,                                        

 रेल मंत्री भारत सरकार,

 नई दिल्ली

विषय :-  सैनिकों के लिए रेल सेवा

महोदय,

      आप जानते ही हैं कि हमारे सेन्य व अर्धसेनिक बलों की एक बड़ी संख्या कश्मीर मे तैनात है। ये सेनिक देश की रक्षा के लिए दिन रात समर्पित होकर सेवा दे रहे। ये अपने परीवार से दूर रहते हैं। ये सेनिक वर्ष  मे दो तीन बार अपने घर अवकाश पर आते है जिसके लिए इन्हे यात्रा का निःशुल्क  रेलवे वारण्ट मिलता है। कश्मीर मे फ़िलहाल जम्मू से रेल मिलती है। जम्मू से आरक्षित सीटें पर्याप्त मात्रा मे नही होने के कारण इन्हे रिज़र्वेशन तथा वारण्ट की इन्टरी कराने मे बड़ी कठिनाई होती है तथा रिश्वत भी देनी पड़ जाती है। इस परेशानी से बचने के लिए पंजाब, हरियाणा राजस्थान के कुछ सेनिक ख़ुद के ख़र्चे पर बसो से यात्रा करने को भी मजबूर होते है। देश के अन्य भागो के अलावा पंजाब हरियाणा, उतरी एवम पश्चमी राजस्थान के सेनिको की संख्या ज़्यादा है।

       उपरोक्त परिपेक्ष्य मे निवेदन है कि जम्मू से एक ट्रेन हिसार -लुहारू -सीकर  तथा दूसरी ट्रेन जम्मू से बीकानेर – जोधपुर के लिए हफ़्ते मे एक एक दिन के लिए चलाई जावे जिसमें सेनिको के आरवण की विशेष व्यवस्था हो।

राजा राम मील

अध्यक्ष, राजस्थान जाट महासभा

 

 

 Date:   10-11-2017

 श्री मनोहर लाल खट्टर, 

मुख्य मंत्री  हरियाणा,

चण्डीगढ़
महोदय,

            भारत सरकार इन दो वर्षों मे एक लाख किलोमीटर नये राजमार्ग स्वीकृत कर रही है। हरियाणा के दक्षिणी भाग मे पूर्व -पश्चिम अर्थात देहली से राजस्थान की तरफ कोई राष्ट्रीय राजमार्ग नही है जबकि इस क्षेत्र मे निम्न शहरों के मध्य राजमार्ग होने  चाहिये-

 द्वारका (देहली) – फारूकनगर-महेन्द्रगढ -चिड़ावा ( राजस्थान )

 नजफगढ- झझर - लोहारू

 झझर - राजगढ़ ( शादुलपुर  ) बीकानेर

इन राजमार्गो की स्वीकृति से इस क्षेत्र का आवागमन सुगम होगा, राजस्थान से सम्पर्क बनेगा, क्षेत्र के विकास के द्वार खुलेंगे तथा इनके निर्माण और रखरखाव के लिए राज्य को बजट भी मिलेगा।

अत: हमारा निवेदन है कि इन राजमार्गो के प्रस्ताव भारत सरकार को भेजकर  स्वीकृत करवाये ।

सादर

राजा राम मील

अध्यक्ष, राजस्थान जाट महासभा
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नहरों से पेयजल के लिए सप्लाई हो रहे जल को साफ करने के लिए पंजाब, राजस्थान एवं हरियाणा के मुख्यमंत्रियों को लिखा गया पत्र

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झुंझुनू जिले को राजधानी एरिया में सम्लित करने के समन्ध में

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ओबीसी वर्ग के आरक्षण के बारे मुख्यमंत्री को लिखा  गया पत्र

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किसानो की समस्याओ के बारे में मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र

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खाद्य पदार्थो में मिलावट के समन्ध में श्री सी आर चौधरी मंत्री उपभोक्ता मामले, भारत सरकार को लिखा गया पत्र

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देश में रास्ट्रीय खेल संस्थान खोलने के समंध में प्रधानमंत्री को लिखा गया पत्र

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RAS मुख्य परीक्षा एवं पटवारी pri में ओबीसी वर्ग  के साथ हुये अन्याय के संबध में मुख्यमंत्री को पुनः लिखा गया पत्र

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राजस्थान में नेशनल खेल संस्थान खोलने के लिए खेल मिनिस्टर को लिखा गया पत्र

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शेखावाटी में गिरते भूजल के बारे मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र

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राजस्थान जाट महासभा द्वारा दिनाक १७-६-२०१६ को आरक्षण के संबध में RAS मुख्य परीक्षा एवं पटवारी pri में ओबीसी के साथ हुये अन्याय के संबध में मुख्यमंत्री को दिया गया पत्र

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किसानों के हित में मुख्यमंत्री को दिया गया पत्र

 

 

 

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